डबरा मे चालू हुआ फिर से अत्तिक्रमण लोगो का हुआ रहना दुश्बार
कहा जाये वो छोटे -छोटे बच्चे और बहु बेटिया
सरकार अब कहा गयी कहती थीकी सबको घर देगी रोज गार देगी ? जनता ने पुछा जबाब की जनता का पैसा ही जनता के मकान को तोडने फोरने मै उपयोगे लिया जा रहा है जनता के पैसे के द्वारा ही प्रशासन की तंखा बाटी जाती है जो पैसा जनता के द्वारा टैक्स मै दिया जाता है उस पैसे के द्वारा ही सरकार चलाए जा रही है और जनता के पैस के द्वारा ही नेता चुना जाता है और उन की तनखा दी जाती है नेता सिर्फ पाच साल प्रशासन करता है और उन्हे जीवन भर पैंसन दी जाती है और एक सरकारी करम चारी जो अपनी शिछा और महनत के आदर पर अपनी जॉब पाता है उसकी पैंसन बद करने के सरकार नीयम निकालती है जनता का पैसा दान मै दे कर अपना नाम करने बाला नेता ये नहीं जनता की ये पैसा तो जनता का ही है. नगर पालिका जो जनता के द्वारा जनता की भलाई के लिये बनाई जाती है और बही नगर पालिका समय आने पर उसी जनता की नहीं सुनती है बो मकान टैक्स और नल टैक्स और कई टैक्स जो जनता के भलाई के लिये सरकार लेती है उसी के द्वारा उन लोगो की तनखा दी जाती है बो जनता की जगह अपने आप को रख कर देख janta nai sarkar sai toad phod kyo kee jaa rahee hai jabab maga.
अब कहा गया प्रशासन जनता को देने बाला रोज गार उन्हें कर रहा है वेरोज गार डबरा मै कई लोग बे घर और कई बीरोजगार.